NEP 2020 पर दो कुलपतियों ने रखी उच्च शिक्षा की तस्वीर, प्रो. एस.पी. बंसल और प्रो. ए.के. महाजन ने शैक्षणिक नेतृत्व, सुशासन व संस्थागत विकास पर दिए व्याख्यान

देहरादून। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप उच्च शिक्षा में शैक्षणिक नेतृत्व, सुशासन और प्रभावी प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUHP) के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) एवं श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय (SDSU) के सहयोग से ऑनलाइन NEP ओरिएंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। 15 से 23 सितंबर तक चल रहे कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के 148 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में CUHP के कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल और SDSU के कुलपति प्रो. ए.के. महाजन ने शैक्षणिक नेतृत्व, प्रभावी शासन और संस्थागत विकास के महत्व पर विचार रखे।

आठ दिवसीय कार्यक्रम में उच्च शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा

कार्यक्रम का विषय ‘शैक्षणिक नेतृत्व, सुशासन एवं प्रबंधन’ रखा गया है। प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक ऑनलाइन सत्र आयोजित हो रहे हैं। इनमें बहुविषयक एवं समग्र उच्च शिक्षा, संस्थागत स्वायत्तता, जवाबदेही, उत्कृष्टता की संस्कृति, संसाधन एवं मानव संसाधन प्रबंधन, नैतिकता, रचनात्मकता, नवाचार और अनुसंधान जैसे विषयों पर चर्चा की जा रही है।

उत्तराखंड से 104 प्रतिभागी

कार्यक्रम में कुल 148 प्रतिभागियों में 88 महिलाएं और 58 पुरुष शामिल हैं। राज्यवार प्रतिभागियों में उत्तराखंड से 104, पश्चिम बंगाल से 37, हिमाचल प्रदेश से तीन तथा राजस्थान और मध्य प्रदेश से एक-एक प्रतिभागी शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को NEP 2020 के प्रावधानों और उच्च शिक्षण संस्थानों में उनके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है।

सुशासन और जवाबदेही पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और शैक्षणिक नेतृत्वकर्ताओं को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, प्रभावी प्रबंधन और संस्थागत विकास के लिए जागरूक एवं सक्षम बनाना है। इसके माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में सुशासन, जवाबदेही, नैतिकता, नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ विभिन्न संस्थानों के बीच विचारों एवं अनुभवों के आदान-प्रदान पर जोर दिया जा रहा है।

75 प्रतिशत उपस्थिति और मूल्यांकन की व्यवस्था

कार्यक्रम की आठ दिनों की अवधि में प्रतिभागियों के लिए न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्रतिभागियों के मूल्यांकन की व्यवस्था भी रखी गई है। कार्यक्रम का समन्वय CUHP के प्रो. देवेश एवं SDSU के प्रो. डी.सी. गोस्वामी कर रहे हैं, जबकि प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठा कार्यक्रम निदेशक हैं।

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