छह वर्षीय मासूम से दुष्कर्म मामला : फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला, पांचों दोषियों को आजीवन कारावास और 15.20 लाख का जुर्माना

कोटद्वार : छह वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के चार साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिंह ने बुधवार को कड़ा फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने महक सिंह उर्फ सोनू को दुष्कर्म तथा राजीव उर्फ विक्की तोमर, सोनू तेजियान, सुबोध कुमार और जगदीश को अपहरण एवं दुष्कर्म में शामिल होने का दोषी ठहराया। पांचों पर संयुक्त रूप से 15 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर सभी को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए गवाहों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिंह ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। फैसले में पीड़िता को आर्थिक सहायता देने के भी निर्देश दिए गए हैं।

24 जून 2022 की शाम महिला और बच्ची को वाहन में बैठाया

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 जून 2022 की शाम कलियर क्षेत्र में एक महिला अपनी छह वर्षीय बेटी के साथ रुड़की की ओर जा रही थी। रास्ते में महक सिंह उर्फ सोनू मिला। उसने महिला को 100 रुपये दिए और अपने चार साथियों के साथ दोनों को वाहन में बैठाकर रुड़की की ओर ले गया। रुड़की पहुंचने से पहले आरोप था कि महक सिंह उर्फ सोनू बच्ची को ईख के खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद महिला और बच्ची को मुख्य मार्ग पर उतारकर सभी वहां से चले गए।

अगले दिन दर्ज हुआ मुकदमा, पांचों गिरफ्तार

घटना के अगले दिन महिला की शिकायत पर पुलिस ने महक सिंह उर्फ सोनू, राजीव उर्फ विक्की तोमर, सोनू तेजियान, सुबोध कुमार और जगदीश के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।

पीड़िता को पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिंह की अदालत ने पीड़िता को राहत देते हुए आर्थिक सहायता के भी आदेश दिए। अदालत ने महक सिंह उर्फ सोनू पर लगाए गए जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने तथा अन्य चार दोषियों के जुर्माने में से 75-75 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मानसिक, सामाजिक और शारीरिक क्षति के लिए पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश भी दिया गया है।

सरकारी अस्पताल में कराया गया था उपचार

घटना के बाद बच्ची का रुड़की के सरकारी अस्पताल में उपचार कराया गया था। पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश रमेश सिंह ने पांचों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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