सेरेब्रल पाल्सी को मात देकर अनुराग रावत ने पूरी की 10 किमी ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’

चमोली: सीमांत नीति घाटी में आयोजित हो रही ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में 25 वर्षीय अनुराग रावत ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, साहस और दृढ़ संकल्प का ऐसा परिचय दिया, जिसने सभी प्रतिभागियों और दर्शकों को प्रेरित कर दिया। सेरेब्रल पाल्सी जैसी दिव्यांगता से जूझ रहे अनुराग ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच 10 किलोमीटर की दौड़ लगभग 1 घंटा 45 मिनट में पूरी कर एक मिसाल कायम की।

मूल रूप से पौड़ी जनपद के निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने साबित कर दिया कि मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। ‘Beyond Limits, Beyond the Canyon’ थीम पर आधारित इस आयोजन में उन्होंने अपने प्रदर्शन से इस संदेश को साकार कर दिखाया।

नीति घाटी की ऊंचाई, दुर्गम रास्तों और सीमित ऑक्सीजन जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद अनुराग ने हिम्मत नहीं हारी और पूरे आत्मविश्वास के साथ दौड़ पूरी की। उनका यह प्रदर्शन केवल एक खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों से संघर्ष कर आगे बढ़ने की प्रेरणादायक कहानी बन गया।

अनुराग ने बताया कि वह इससे पहले भी कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उन्होंने कहा, “सीमाएं केवल हमारे दिमाग में होती हैं। यदि संकल्प मजबूत हो, तो इंसान अपने शरीर को किसी भी मंजिल तक पहुंचा सकता है।”

उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को सीमित नहीं कर सकती। आयोजन में मौजूद लोगों ने उनके साहस, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच की सराहना की।

गौरतलब है कि 31 मई से 2 जून तक आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ में देश के 27 राज्यों से 1200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सीमांत नीति घाटी में आयोजित इस एडवेंचर स्पोर्ट्स महाकुंभ में प्रतिभागियों ने विभिन्न श्रेणियों की प्रतियोगिताओं में उत्साह, साहस और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

ग्रामीणों क्षेत्रो में स्वच्छता अभियान की लापरवाही पर डीपीआरओ सख्त, 06 एडीओ पंचायत के वेतन पर रोक

Mon Jun 1 , 2026
हरिद्वार : जिला पंचायत राज अधिकारी, हरिद्वार अतुल प्रताप सिंह ने अवगत कराया कि ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के बावजूद संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) द्वारा अपेक्षित सूचनाएं समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। साथ ही, स्वच्छता एवं कूड़ा निस्तारण से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी में भी […]

You May Like

Share
error: Content is protected !!