मोहनखाल-चोपता-तुंगनाथ मोटर मार्ग आंदोलन को भाकपा माले का समर्थन

गोपेश्वर (चमोली)। मोहनखाल-किणजाणी-चोपता-तुंगनाथ मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर चल रहे धरने के 12वें दिन भाकपा (माले) ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया।

भाकपा (माले) के राज्य सचिव इंद्रेश मैखुरी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को जायज बताया। उन्होंने कहा कि इस मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण दो वर्ष पहले भी आंदोलन कर चुके हैं। उस समय केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था और सड़क निर्माण की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दो वर्ष बीतने के बावजूद मुख्यमंत्री की घोषणा का शासनादेश जारी नहीं किया गया है और ग्रामीणों को लगातार आश्वासन देकर टालमटोल की जा रही है। कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का लंबे समय से आंदोलन करना सरकार के दावों पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद धरातल पर काम नहीं होना सरकार के विकास के दावों की वास्तविकता को सामने लाता है।

मैखुरी ने कहा कि जिस स्थान पर ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं, वहां से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट का घर और होम स्टे एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद सड़क की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों को दो वर्षों से आश्वासन देकर टालने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह भी विडंबना है कि मोटर मार्ग का एक हिस्सा वर्ष 1976-77 में काटा जा चुका है, लेकिन करीब पांच दशक बाद भी इसका शेष हिस्सा सड़क से नहीं जुड़ पाया है। उन्होंने सरकार से मुख्यमंत्री की घोषणा का शासनादेश तत्काल जारी करने और मोटर मार्ग के निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

भाकपा (माले) नेताओं ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पूरी होने तक पार्टी आंदोलन के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण का रास्ता साफ करने की मांग की। इस दौरान भाकपा (माले) गढ़वाल कमेटी के सदस्य कॉमरेड मदन मोहन चमोली भी मौजूद रहे।

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