जीएसटी जॉइंट कमिश्नर के घर-दफ्तर पर विजिलेंस का छापा,14.10 लाख रुपये नकद और 788 अमेरिकी डॉलर बरामद

कोच्चि/एर्नाकुलम। केरल में आय से अधिक संपत्ति और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो (VACB) ने स्टेट जीएसटी विभाग की जॉइंट कमिश्नर प्रजानी राजन के घर और कार्यालय समेत तीन ठिकानों पर छापेमारी की। करीब 13 घंटे चली कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने 14.10 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी और 788 अमेरिकी डॉलर बरामद किए। अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन से संबंधित कागजात भी जब्त किए हैं।

विजिलेंस के अनुसार यह कार्रवाई भ्रष्टाचार विरोधी अभियान ‘प्रोजेक्ट जीरो’ के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य उच्च पदों पर तैनात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामलों की जांच करना है।

2.89 करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्ति का आरोप

प्रारंभिक जांच में विजिलेंस ने दावा किया है कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच जॉइंट कमिश्नर के सेवा काल में उनकी ज्ञात और वैध आय के मुकाबले करीब 63 प्रतिशत अधिक संपत्ति का पता चला। प्रारंभिक रिपोर्ट में कथित तौर पर करीब 2.89 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी संपत्ति जमा किए जाने की बात सामने आई है। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

तीन स्थानों पर एक साथ कार्रवाई

विजिलेंस की टीम ने शनिवार सुबह करीब 7:45 बजे तलाशी शुरू की, जो रात करीब 9:15 बजे तक चली। अधिकारियों ने एर्नाकुलम के थेवरा स्थित जीएसटी कॉम्प्लेक्स में जॉइंट कमिश्नर के कार्यालय कक्ष के अलावा कनयन्नूर तालुक के पचलम क्षेत्र स्थित उनके आवास ‘प्रजानी विलास’ और पचलम में ही एक अन्य आवासीय संपत्ति की तलाशी ली।

अधिकारियों के मुताबिक तलाशी मुवत्तुपुझा विजिलेंस कोर्ट से जारी सर्च वारंट के आधार पर की गई। कार्रवाई के दौरान संपत्ति के टाइटल डीड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए गए।

कमरे में छिपाई नकदी निकालने की कोशिश का दावा

विजिलेंस अधिकारियों ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान कुछ लोगों ने एक कमरे में छिपाकर रखी गई नकदी को वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने समय रहते इसका पता लगा लिया और प्रयास को विफल कर दिया।

बरामद नकदी, विदेशी मुद्रा, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य जब्त सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुवत्तुपुझा विजिलेंस कोर्ट में जमा कराया जाएगा।

बैंक खातों और संपत्तियों की भी होगी जांच

विजिलेंस ने संकेत दिया है कि मामले की जांच अभी जारी है। अब अधिकारी संबंधित बैंक खातों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच करेंगे। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित अतिरिक्त संपत्ति और नकदी के स्रोत क्या हैं तथा उनका अधिकारी की घोषित आय से क्या संबंध है।

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